असालिया क्या है इसमें पोषक तत्व, औषधीय गुण [Asaliya seeds benefits] असालिया के फायदे और उपयोग [Chandrashur ke fayde] और Chandrashur या असलिया का सेवन कैसे करें – सम्पूर्ण जानकारी
असालिया के बीजों (Asaliya seeds) के सेवन से सेहत को अनेकों फायदे होते हैं इसलिए प्राचीन काल से ही असालिया का सेवन किया जाता रहा है Asaliya seeds ke fayde लम्बाई बढ़ाने के साथ कई रोगों में भी है।
Asaliya seeds यानी चंद्रसुर क्या है असालिया का उपयोग कैसे और किन रोगों में किया जाता है तथा इसके औषधीय गुण और असालिया के फायदे यानि Asaliya seeds benefits और उपयोग क्या है।
इस Chandrashur का नियमित सेवन करना सेहत के लिए बहुत ही गुणकारी माना जाता है क्योंकि Asaliya ke beej पोषक तत्व का भंडार है।
असालिया में ओमेगा 3 भरपूर मात्रा में पाया जाता है तथा इसमें कैल्शियम, आयरन आदि भी मौजूद होते हैं लंबाई बढ़ाने के लिए असालिया का सेवन कारगर उपाय होता है।

असालिया के फायदे / Asaliya seeds ke fayde
आयुर्वेद के अनुसार असालिया बहुत ही गुणकारी होता है। यह गर्म प्रवर्ति का पौष्टिक, कड़वाहट लिए हुए दूध बढ़ाने वाला, लम्बाई बढ़ाने, शक्तिवर्धक व कामोदीपक औषधि होता है। यह मष्तिष्क को शक्ति प्रदान करने और बुद्धि बढ़ाने वाला होता है।
असालिया के बीज (Asaliya seeds) काफी पौष्टिक होते हैं इसलिए इनका सेवन डिलीवरी के पश्चात महिलाओं में होने वाली कमजोरी दूर करने व दूध बढ़ाने के लिए लड्डू बनाकर किया जाता है।
इसके बीजों यानि Asaliya seeds का नियमित किसी भी रूप में उपयोग करने से शरीर की कमजोरी दूर होकर इम्यून सिस्टम मजबूतहोता है। Asaliya ke beej वजन नियंत्रित रखने में भी फायदेमंद होते हैं।
Table of Contents
- 1 असालिया के फायदे / Asaliya seeds ke fayde
- 1.1 असालिया क्या है : Chandrashur kya hai
- 1.2 असालिया में पोषक तत्व : Asaliya seeds nutrition in hindi
- 1.3 असालिया के फायदे और औषधीय गुण : Asaliya benefits in hindi
- 1.4 असालिया के अन्य फायदे : Other benefits of asaliya seeds
- 1.5 असालिया का सेवन कैसे करें : Asaliya ka sevan karne ke tarike
- 1.6 FAQ : Asaliya seeds के बारे में पूछे जाने वाले सवाल
असालिया क्या है : Chandrashur kya hai
इसको चंद्रचूर के नाम से भी जाना जाता है इसके अलावा असालिया के और भी बहुत से नाम है। असालिया को अहालीन, हालू, अमालू, हालिम जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता है।
आयुर्वेद में असालिया का काफी महत्व है इसकी खेती संपूर्ण भारत में की जाती है। असालिया वात व कफ नाशक होने के साथ-साथ स्किन संबंधी समस्याओं में भी फायदेमंद होता है।
असालिया में पोषक तत्व : Asaliya seeds nutrition in hindi
असालिया विभिन्न पोषक तत्वों से भरपूर होता है चन्द्रसूर के बीजों यानि Asaliya seeds में प्रोटीन, फाइबर, आयरन व फोलिक एसिड भरपूर मात्रा में होता है।
इन बीजों में कार्बोहाइड्रेट, वसा, उड़न शील तेल, ऑर्गेनिक एसिड, यूरिक एसिड, ओमेगा 3 एसिड, सिनेपिन अम्ल आदि मौजूद होते हैं।
इसके अलावा इसमें बेंजिल सायनाइड तथा बेंजिल आइसो थायोसायनेट भी होता है। असालिया में पाए जाने वाले इन्हीं पोषक तत्व के कारण यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।
इस Asaliya ke beej के साथ-साथ इसकी पत्तियां व जड़ भी उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है।
असालिया के फायदे और औषधीय गुण : Asaliya benefits in hindi
लंबाई बढ़ाने में असालिया के फायदे
आज के समय बच्चों व महिलाओं में लंबाई न बढ़ना एक बहुत ही बड़ी समस्या बनती जा रही है। लंबाई न बढ़ने के कारण लड़कियों व लड़कों में काफी हीन भावना उत्पन्न होती है
इसलिए लंबाई बढ़ाने के लिए असालिया को बहुत ही लाभदायक माना जाता है। इसके सेवन से आसानी से लंबाई को बढ़ाया जा सकता है।
असालिया के बीजों के पाउडर {Asaliya seeds powder} को पानी में उबालकर नियमित सेवन किया जाए तो इससे बहुत जल्द लंबाई बढ़ना शुरू हो जाती है।
इसके अलावा Asaliya seeds powder व अश्वगंधा पाउडर को एक एक चम्मच की मात्रा में मिलाकर दूध में उबालकर पीने से भी लंबाई बढ़ती है।
स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए असालिया का सेवन
महिलाओं में प्रसूतावस्था में असालिया का प्रयोग करने का विशेष महत्व होता है क्योंकि यह महिलाओं के स्तनों में दूध वृद्धि करने में बहुत ही फायदेमंद माना जाता है।
इसके लिए असालिया के बीजों से काढ़ा बनाकर 10-15 मिलीलीटर में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से दूध में वृद्धि होती है।
इसके अलावा इसके बीजों को दूध में उबालकर पीने या घी में भूनकर मिश्री मिलाकर खाने से स्तनों में दूध बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं में प्रसव के बाद होने वाली शारीरिक कमजोरी भी दूर होती है।
गठिया रोग में असालिया के फायदे
आज के समय गठिया एक आम बीमारी बनती जा रही है महिलाओं में गठिया की समस्या अधिक देखी जाती है।
इसलिए गठिया रोग से छुटकारा दिलाने में असालिया एक गुणकारी औषधि की तरह काम करता है।
इसके लिए असालिया को नारियल के तेल में मिलाकर इस तेल से जोड़ों में मालिश करने से गठिया रोग से राहत मिलती है।
इसके अलावा तिल के तेल को 100 ग्राम की मात्रा में लेकर उसमें 30 ग्राम असालिया के बीजों (Asaliya seeds) को मिलाकर इसे गर्म करें यानी अच्छे से पकाएं तथा कांच की बोतल में भर के रखें।
इस तेल से जोडों में सुबह शाम मालिश करने से भी गठिया रोग से छुटकारा मिलता है तथा जोड़ों या मांसपेशियों की कमजोरी, सूजन या जकड़न जैसी समस्याएं भी इसकी मालिश करने से दूर होती है।

चर्म रोगों में असालिया के फायदे
जिन लोगों को चर्म रोग की समस्या है उनके लिए असालिया का प्रयोग फायदेमंद हो सकता है इसके लिए असालिया के बीजों के पाउडर को नींबू के रस के साथ मिलाकर चर्म रोग से प्रभावित त्वचा पर लेप करने से लाभ मिलता है।
हिचकी में असालिया के फायदे
हिचकी आने की समस्या बहुत गंभीर होती है अगर किसी को हिचकी शुरू हो जाए तो रुकने का नाम भी नहीं लेती लेकिन असालिया यानि चंद्रसूर तुरंत हिचकी बंद करने के लिए काफी उपयोगी होता है।
इसके लिए असालिया के 10 ग्राम बीजों को पानी में पकाएं और तब तक पकाते रहें जब तक कि यह गाढ़ा न हो जाए, उसके बाद इसको छानकर 50 मिलीलीटर की मात्रा में 2 – 3 बार सेवन करने से हिचकी की समस्या से छुटकारा मिलता है।
असालिया के अन्य फायदे : Other benefits of asaliya seeds
असालिया के ऊपर बताए गए फायदों के अलावा और भी बहुत से स्वास्थ्य लाभ होते हैं जैसे
- इसके बीजों का काढ़ा बनाकर दो-तीन चम्मच की मात्रा में नियमित सुबह-शाम सेवन करने से अमाशय से संबंधित समस्याएं दूर होती है।
- असालिया के बीजों को पानी में उबालकर छानकर नियमित पीने से यकृत से संबंधित रोगों में फायदा मिलता है।
- इसके बीजों से काढ़ा बना कर नियमित सुबह-शाम पीने से लिवर से जुड़े विकारों में लाभ होता है।
- असालिया के बीजों के रस को नारियल पानी में मिलाकर पीने से पेचिश या दस्त की समस्या से तुरंत छुटकारा मिलता है।
- इसकी पत्तियों या पंचाग को पानी में उबालकर पीने से पुरानी से पुरानी खांसी से छुटकारा मिलता है।
- दमा या श्वसन संबंधी रोगों से छुटकारा पाने के लिए असालिया के पंचांग का काढ़ा बनाकर पीने से राहत मिलती है।
- असालिया के बीजों के पाउडर से लेप करने से मांसपेशियों व जोड़ों की सूजन में राहत मिलती है।
अगर सुबह एक मुठी विभिन्न प्रकार के बीज जैसे Asaliya seeds, कद्दू, अलसी के बीज, चीया, तरबूज, सूरजमुखी के बीज को मिलाकर सेवन किया जाये तो यह सेहत के लिए काफी लाभदायक है।
अब तक हमने जाना असालिया क्या है इसके पोषक तत्व औषधीय गुण और असालिया का इस्तेमाल करने के क्या क्या फायदे यानि Asaliya seeds benefits है अब हम जानेगे इसका सेवन करने के उचित तरीके यानि Asaliya seeds recipe कौन कौन से होते है।

असालिया का सेवन कैसे करें : Asaliya ka sevan karne ke tarike
इसके बीजों का सेवन (Asaliya seeds uses) अलग-अलग तरीकों से किया जाता है इसके बीजों का पाउडर पानी में उबालकर या दूध में उबालकर भी पीया जाता है।
इसके बीजों के पाउडर में बराबर मात्रा में मिश्री पाउडर मिलाकर दूध में उबालकर पीने से हड्डियों व शरीर का विकास होता है तथा लंबाई बढ़ती है।
- त्वचा पर लगाने के लिए इसके बीजों को कूटकर नींबू रस मिलाकर लगाया जाता है।
- असालिया की टहनियों पत्तियों को कूटकर पीने से पुरानी से पुरानी खांसी दूर होती है।
- इसकी जड़ के चूर्ण का सेवन दस्त की समस्या में किया जाता है।
FAQ : Asaliya seeds के बारे में पूछे जाने वाले सवाल
Q 1. क्या असालिया खाने से हाइट बढ़ती है?
Ans असालिया के बीज (Asaliya seeds) खाने में पौष्टिक होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भरपूर होते है। इसमें विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम के साथ-साथ विटामिन के भी पाया जाता है जो हड्डियों के घनत्व को बढ़ाकर लंबाई बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Q 2. असालिया को कैसे पीते हैं?
Ans असालील का सेवन विभिन्न तरीकों से किया जाता है। अगर आप लंबाई बढ़ाना चाहते हैं तो 5 ग्राम असालिया के बीजों का चूर्ण और 3 ग्राम अश्वगंधा पाउडर को लेकर दूध में अच्छे से उबाल ले तथा इसका सेवन यानि बिना छाने ही इसको पीने से लंबाई बढ़ना शुरू हो जाती है।
निष्कर्ष – Conclusion
दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने जाना Chandrashur यानि असालिया क्या है इसमें पोषक तत्व, औषधीय गुण तथा असालिया के फायदे (Asaliya seeds benefits) और इसका इस्तेमाल किन-किन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में किया जा सकता है।
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-: लेख अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद :-
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