गर्मी में हीट वेव से बचने के 14 घरेलू उपाय और सावधानियां | Heat wave safety tips

हीट वेव क्या है और इससे कैसे बचें (Heat wave se bachne ke upay)

गर्मी के मौसम में अक्सर चलने वाली Garm hawaye यानि Heat wave या लू लगने की समस्या एक आम समस्या होती है और इस लू लगने की समस्या यानि Heat wave problem का समय पर इलाज करना या Heat wave safety tips आजमाना बेहद जरूरी होता है।

जब चेहरा व सिर अधिक समय तक तेज धूप या गर्म हवा के संपर्क में आता है तो लू लगने यानि Heat wave की संभावना बढ़ जाती है तथा इस Heat wave से शरीर का तापमान भी बढ़ने लगता है।

आज के इस लेख में बात करते हैं Heat wave क्या है और इससे कैसे बचा जाए यानि How to avoid a heat wave तथा Heat wave से बचने के लिए घरेलू नुस्खे व कौनसी सावधानियां रखना जरूरी होता है

जानिए भारत में चलने वाली इन गर्म हवाओं के कारण लगने वाली लू से कैसे बचें यानि Heat wave se kaise bache

हीट वेव से कैसे बचें : How to avoid a heat wave in hindi

भारत में अक्सर मार्च महीने से ही Garm hawaye यानी लू चलना शुरू हो जाती है जब तापमान 40 डिग्री से ऊपर होने लगता है तो हवाएं गर्म होने लगती है और Sun Burn व हीट वेव का एहसास होने लगता है।

Heat wave से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां और घरेलू उपाय जरूरी होते हैं क्योंकि यह जून-जुलाई महीने तक चलती है।

इन गर्म हवाओं यानि Heat wave से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि सावधानी बरती जाए ताकि शरीर को लू से बचाएं रखने के साथ साथ अन्य बीमारियों व समस्याओं से भी आसानी से बचाया जा सकें।

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गर्मियों के इस मौषम में चलने वाली इस लू से बचने के उपाय या Heat wave se kaise bache जानने से पहले यह जानकारी होना जरूरी है की Heat wave क्या होती है।

हीट वेव क्या है : What is a heat wave

भारत में जब मैदानी क्षेत्रों का तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक हो जाता है तब चलने वाली Garm hawaye या लू शुरू हो जाती है हीटवेव स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है गर्मी के मौसम में इन गर्म हवाओं की अवधि को ही हीटवेव [Heat wave] कहते हैं।

मौसम विज्ञान विभाग के आदेश अनुसार जब मैदानी इलाकों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक या इससे अधिक हो तथा पहाड़ी क्षेत्रों का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक या इससे भी अधिक हो जाता है,

तो इसे हीटवेव घोषित कर दिया जाता है इस मौसम में दोपहर के समय घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।

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हीट वेव से बचने के उपाय : Heat wave se kaise bache

गर्म हवाएं यानी Heat wave के मौसम में इसके प्रभाव से शरीर मे होने वाली समस्याओं से बॉडी बचाने यानि Heat wave safety tips के लिए कुछ खाद्य या पेय पदार्थों का इस्तेमाल करने के साथ साथ कुछ सामान्य से उपाय और सावधानियां बरतनी भी आवश्यक होती है जैसे

  • इस मौसम में शरीर को डीहाइड्रेटेड होने से बचाने के लिए अधिक से अधिक पानी या तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
  • हीट वेव के समय ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जिससे शरीर तक हवा आसानी से पहुंचती रहे इसके लिए हमेशा सूती, हल्के व ढीले ढाले कपड़े पहने जिससे पसीना सोख सके और शरीर को भी ठंडा रखा जा सके।
  • जब भी धूप में घर से बाहर निकलना हो या कहीं बाहर जाना हो तो पानी की बोतल हमेशा साथ रखनी चाहिए।
  • गर्मी में लू के इस समय छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि बच्चे इसकी चपेट में बहुत जल्दी आ जाते हैं।
  • बुजुर्गों का यानी 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का या जिन लोगों को कोई बीमारी हो और बीमारी की दवाओं का सेवन करते हो, उनको इस Heat wave में अपने शरीर का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है क्योंकि वे भी जल्द ही इसकी चपेट में आ सकते हैं।

हीट वेव से बचने के घरेलू नुस्खे : Heat wave se bachne ke upay

इस मौसम में ठंडी तासीर के खाद्य व पेय पदार्थों का अधिक सेवन करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है जैसे

नारियल पानी, नींबू शिकंजी, छाछ, लस्सी, नींबू पानी, शर्बत, बेल का शर्बत, कच्चे आम की लस्सी, ठंडा पानी, गन्ने का जूस, ग्लूकोज डी पाउडर डालकर पानी का सेवन करना आदि,

इन कारगर घरेलू उपायों से लू या हीट वेव की समस्या से शरीर को बचाए रखने यानि Heat wave safety में मदद मिलती है तथा इस मौसम में होने वाली मौसमी बीमारियों से भी शरीर को बचाए रखने में मदद मिलती है।

इन सबके अलावा हीट वेव से बचने के और भी कई तरह के घरेलु उपाय है जिनको आजमाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है जैसे

  • गर्मी के समय ओआरएस पानी मे मिलाकर पीना शरीर को हीट वेव से बचाने में मददगार होता है।
  • गर्मी में आंवला जूस या शर्बत का सेवन करने से अनेक रोगों से बचे रहने के साथ साथ प्यास भी अधिक नही लगती और न ही गला सूखता है।
  • बेल गिरी का जूस या शैक पीना भी हीट वेव के समय बॉडी में ठंडक पहुंचाता है और शरीर का वजन भी नियंत्रित रहता है।
  • इस मौसम में लोकी जूस का सेवन करना या लोकी की सब्जी व रायता का उपयोग करना भी लाभकारी होता है।
  • जलजीरा का सेवन भी हीट वेव के समय लू से बचाने के साथ साथ बॉडी को हाइड्रेट रखने में सहायक होता है।
  • गर्मी में पेट सम्बंधी समस्याओं से राहत दिलाने में पुदीना काफी फायदेमंद होता है इसलिए पोदीने की चटनी व पुदीने का रस निकालकर पानी मे मिलाकर नींबू नमक व भुना हुआ जीरा डालकर पीना लू से बचाने के साथ अनेक रोगों से बचाने में भी सहायक होता है।
  • खरबूजा, तरबूज, खीरा में पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह गर्मियों में खाये जाने वाले पदार्थ होते है यह विटामिन्स, मिनरल्स व एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते है और शरीर को गर्मी व लू से बचाने के साथ कई अन्य रोगों से भी रक्षा करने में मददगार होते है।
  • हीट वेव के समय चेहरे को झुलसने से बचाने के लिए गुलाब की पत्तियों व पंखुड़ियों को पानी में भिगोकर इस पानी से चेहरा धोना लाभकारी होता है।
  • चंदन पाउडर और मुल्तानी मिट्टी का लेप चेहरे पर लगाने से हीट वेव के समय चेहरे को ठंडक मिलती है।
  • पारंपरिक भारतीय पेय पदार्थ आम पन्ना गर्मियों में बॉडी को डिहाइड्रेशन होने से बचाने के साथ साथ लू से बचाता है इसलिए आम पन्ना का नियमित सेवन करना भी इस मौषम में बेहद गुणकारी साबित होता है।

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Heat wave के कारण होने वाली समस्याएं

गर्मियों के इस मौसम में हीटवेव के समय गर्म हवाओं व लू के चलने के कारण अधिकतर लोगों में कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती रहती है।

इस समय पेट खराब होना, पाचन तंत्र कमजोर होना, थकान व कमजोरी होना, अधिक आलस्य आना, सिर व बदन दर्द होना जैसी अनेक समस्याएं होना आम बात होती है।

इसके अलावा त्वचा में अत्यधिक जलन होने के साथ साथ त्वचा का रूखापन जैसी समस्याएं भी लू चलने के दौरान उत्पन होती है।

लू के चलने के कारण बॉडी का तापमान अधिक होना, भूख कम लगना, पसीना आने के कारण घबराहट होना, नींद की कमी, गला सुखना व प्यास अधिक लगना, यूरिन इंफेक्शन होना, स्किन सम्बंधी समस्याएं होना, आंखों में जलन व किसी किसी को पसीने में बदबू जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।

इसलिए इन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए खाने पीने की आदतों व दिनचर्या से जुड़ी कुछ सावधानियां रखना जरूरी होता है जिनसे Heat wave यानी लू के समय शरीर को स्वस्थ व हेल्थ रखने में मदद हो सकें।

Heat wave में डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए

हीटवेव के समय जब शरीर का तापमान बढ़ने लगे या बुखार 102 से 5 डिग्री के लगभग हो और दवा लेने के बाद भी बुखार कम ना हो।

बुजुर्गों का ब्लड प्रेशर अधिक होने लगे तथा शरीर में कमजोरी व थकान महसूस हो, दस्त उल्टी और सिर दर्द व शरीर तपने जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है।

निष्कर्ष : Conclusion

इस आर्टिकल में हमने जाना हीटवेव क्या है और इससे बचने के लिए क्या खाएं या पियें तथा हीट वेव से बचने के घरेलू उपाय या नुस्खे तथा Heat wave से बचने के लिए कौन कौन सी सावधानियां रखने की आवश्यकता होती है और इस Heat wave के मौसम में डॉक्टर से परामर्श कब लेना जरूरी होता है।

यह आर्टिकल हीट वेव से बचने के उपाय यानि Heat wave safety tips आपको कैसा लगा और इसके बारे में आपके कोई भी सुझाव या सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें,

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इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद

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