चार सफेद फूड के नुकसान क्या है : Unhealthy four white foods to avoid in hindi
आयुर्वेद के अनुसार इन चार व्हाइट फूड का करें परहेज क्योंकि इनको सफेद जहर माना गया है। इसलिए इन Four white foods का सेवन करने से बचना चाहिए या बहुत ही कम मात्रा में सेवन कर सकते हैं।
कैंसर, डायबिटीज, मोटापा, ह्रदय रोग का कारण होते है ये चार व्हाइट फूड इसलिए इनको खाने से बचना यानि (Four white foods to avoid) करना चाहिए, जानते हैं किन चार व्हाइट फूड का करें परहेज और इन Four white foods के नुकसान क्या है।
उत्तम स्वास्थ्य और निरोगी जीवन जीने के लिए पौस्टिक आहार और सही खानपान का होना बहुत आवश्यक होता है लेकिन आज के समय बदली हुई जीवनशैली और अनियमित खानपान आम बात है।
आजकल कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों (Four white foods) का सेवन अधिक मात्रा में किया जाने लगा है जिनका शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और शरीर मे अनेक रोग उत्पन्न करने में एक बहुत बड़ा योगदान होता है लेख में आगे हम विस्तार से जानते है चार व्हाइट फूड का करें परहेज नहीं तो हो सकता है नुकसान (Four white foods to avoid)

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इन चार व्हाइट फूड का करें परहेज / Four white foods to avoid
यह चार सफेद खाद्य पदार्थ यानि Four white foods जैसे सफेद चीनी, समुद्री नमक, मैदा और अजीनोमोटो शरीर में रोग उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं,
इनका अधिक मात्रा में सेवन करने से हृदय रोग, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, कैंसर, मोटापे जैसे अनेक खतरनाक रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है इसलिए इनका सेवन उचित मात्रा में ही कर सकते हैं।
स्वस्थ शरीर के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कम मात्रा में खाना और ज्यादा शारीरिक एक्टिविटी करना लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी है भोजन में अच्छे न्यूट्रिएंट्स (nutrients) का होना।
आजकल बदली हुई जीवनशैली भोजन में फास्ट फूड और पैकेट फूड की बढ़ी हुई मात्रा ने हमारे भोजन से न्यूट्रिएंट्स की मात्रा को कम कर दिया है,
इसमें चीनी, नमक, मैदा और अजीनोमोटो जैसे पदार्थ Four white foods शामिल हैं। मुख्य रूप से प्रोसेस्ड फूड में इनकी मात्रा खतरनाक स्तर तक होती है।
एक रिसर्च के अनुसार यह न केवल कैंसर बल्कि टाइप टू डायबिटीज, मोटापा, ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन रहे हैं,
इतना ही नहीं यह उम्र को भी कम से कम 10 साल तक कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन Four white foods चार खाद्य पदार्थों के बारे में जिनका ओवर यूज़ बहुत ही हानिकारक होता है।
चार व्हाइट फूड के सेवन की सही मात्रा और इनके नुकसान (Four white foods to Avoid)
सफेद नमक खाने के नुकसान
हाई ब्लड प्रेशर के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार सफेद नमक ही होता है। यदि हम नमक का ज्यादा सेवन करते हैं तो शरीर में जमा हुआ अतिरिक्त पानी ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है,
इसके अलावा जब नमक को रिफाइन किया जाता है तो इसमें पाया जाने वाला आयोडीन हट जाता है वही रिफाइन किए जाने के दौरान इसमें क्लोराइड्स मिलाए जाते हैं जो ज्यादा सेवन करने पर नुकसान पहुंचाते हैं।
नमक का सेवन करने की सही मात्रा
नमक को रोज के खाने में अधिकतम एक छोटा चम्मच ही देना चाहिए अगर हाई ब्लड प्रेशर है तो डायटीशियन से परामर्श के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए।
सफेद चीनी के नुकसान
कैंसर डायबिटीज मोटापा आदि बीमारियों का कारण चीनी को ही माना जाता है रिफाइंड शुगर यानी चीनी को एम्प्टी कैलोरी भी कहते हैं इसमें किसी प्रकार के पोषक तत्व नहीं होते है,
जैसे ही यह हमारी पाचन नली में पहुंचती है ग्लूकोज और फ़्रेक्टोज में टूटती है जो लोग शारीरिक एक्टिविटी नहीं करते उनके लिवर में यह फैट के रूप में जमा हो जाती है इसका इंसुलिन पर भी बुरा असर पड़ता है जिससे डायबिटीज होने का खतरा बढ़ता है।
चीनी का सेवन करने की सही मात्रा
40 वर्ष की उम्र तक प्रतिदिन 5 चम्मच चीनी का सेवन करना ही शरीर के लिए काफी होता है अगर उम्र 40 वर्ष से ज्यादा है तो इसका सेवन और भी काम करें

मैदा का सेवन के नुकसान
मोटापा कोलेस्ट्रोल जैसी बीमारियां होने का कारण मैदा को ही मुख्य माना गया है मैदा को बनाने के लिए गेहूं को प्रोसेस करने के दौरान इसमें पाए जाने वाले टिशू जिन्हें इंडो स्पर्म कहते हैं खत्म हो जाते हैं।
इसके अलावा पाचन क्रिया के लिए आवश्यक इसकी चोकर भी हट जाती है जो कि फाइबर का बहुत अच्छा स्रोत होता है।
कुल मिलाकर गेहूं से मैदा बनाते समय इसके लगभग सभी पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं ऐसे में यह पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा करता है।
मैदा का सेवन करने की सही मात्रा
वैसे तो इसका सेवन नुकसान दायक होता है लेकिन अगर मैदा से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करना ही है तो सप्ताह में केवल एक बार ही करना उचित होता है। वह भी बहुत कम मात्रा में करना चाहिए।
अजीनोमोटो का सेवन
इसका ज्यादा सेवन करने से यह दिल के लिए बहुत नुकसानदायक होता है। अजीनोमोटो मोनोसोडियम ग्लूटामेट है जो मुख्यतः चायनीज फूड, सूप आदि में मिलाया जाता है। अजीनोमोटो प्राकृतिक रूप से टमाटर, अंगूर आदि में पाया जाता है।
प्राकृतिक रूप से इसका सेवन करना शरीर के लिए आवश्यक नहीं है लेकिन स्वाद के लिए कभी कभार इसका सेवन कर सकते हैं वह भी 40 वर्ष से कम उम्र तक उसके बाद इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
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